छत्तीसगढ़ कौशल न्युज रायपुर:- छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 16 जून 2026 को शाला ...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
रायपुर:- छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 16 जून 2026 को शाला प्रवेश उत्सव 2026 का गरिमामय आयोजन किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं स्कूल प्रबंधन को कार्यक्रम की व्यापक तैयारी सुनिश्चित करने को कहा है। जारी निर्देशों के अनुसार शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साहपूर्ण वातावरण में करना तथा अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है। इसके लिए स्कूलों में व्यापक प्रचार-प्रसार, बैनर-पोस्टर, रैली एवं गांवों तथा शहरी वार्डों में मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समिति के सदस्यों एवं पालकों को विशेष रूप से आमंत्रित करने कहा गया है।
शिक्षा विभाग ने विद्यालय खुलने से पहले स्कूल भवन, परिसर एवं कक्षाओं की साफ-सफाई तथा आवश्यक मरम्मत कार्य 15 जून तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में आकर्षक एवं शिक्षण-अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया है।विभाग ने कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त करने तथा पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों का छठवीं कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल वितरित की जाएगी। वहीं बोर्ड एवं स्थानीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा। नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत एवं अभिनंदन करने की परंपरा भी निभाई जाएगी।
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, आगामी तीन माह का शैक्षणिक रोडमैप तैयार करने तथा स्थानीय समुदाय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए पृथक बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही जिला, ब्लॉक एवं संकुल स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर कार्यक्रम की सतत निगरानी की जाएगी।




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