छत्तीसगढ़ कौशल न्युज रायपुर:- छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ एवं छत्तीसगढ़ धान खरीदी ऑपरेटर महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार ...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
रायपुर:- छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ एवं छत्तीसगढ़ धान खरीदी ऑपरेटर महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को चार सूत्रीय मांगों को लेकर रायपुर के तुता धरना स्थल पर विशाल महा रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान धमतरी जिले सहित प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी अपने परिवार के साथ रैली में शामिल हुए। आंदोलन के समर्थन में धमतरी जिले की अधिकांश सहकारी समितियों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे, जिससे खाद वितरण, एग्री-स्टेक, फसल बीमा, एटीएम तथा राशन वितरण सहित कई सेवाएं प्रभावित रहीं। महासंघ के नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग आठ माह पूर्व 19 दिनों तक चले अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान शासन-प्रशासन द्वारा मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सकारात्मक आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी और आक्रोश है।
रैली में बस्तर, अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी अपने परिवारों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने 200 से 300 महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी।
महासंघ ने मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, सहकारिता मंत्री एवं वित्त मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए पिछले तीन वर्षों की धान खरीदी का प्रोत्साहन (सुखद) भुगतान, ऑपरेटरों को 12 माह का वेतन एवं नियमितीकरण, सेवा नियमों में संशोधन, मध्यप्रदेश की तर्ज पर तीन-तीन लाख रुपये प्रबंधकीय अनुदान, बैंक संवर्ग के समिति प्रबंधक पदों पर 50 प्रतिशत भर्ती समिति कर्मचारियों से किए जाने तथा दैनिक कर्मचारियों को रिक्त पदों पर भर्ती एवं बोनस सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की।महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी बैठक में रणनीति बनाकर अंशधारी किसानों एवं कर्मचारियों के परिवारों के साथ पुनः अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
रैली में धमतरी जिले से देवेंद्र साहू, योगेंद्र वर्मा, लिलेश्वर साहू, किशन चंद्राकर, जगदीश यादव, ओम कुमार, मनोज साहू, नरेंद्र सिन्हा, नेपाल साहू सहित जिले की विभिन्न सहकारी समितियों के कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।महासंघ के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि प्रदेश के कई जिलों में अभी तक कर्मचारियों की बहाली नहीं हुई है तथा कुछ कर्मचारियों को पिछले 7-8 महीनों से वेतन नहीं मिला है। वहीं रायपुर, महासमुंद सहित अन्य जिलों में एफआईआर दर्ज कर्मचारियों को न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। महासंघ का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई समाप्त करने के लिए कई बार शासन और संबंधित मंत्रियों को पत्र भेजे जा चुके हैं। इसकी जानकारी महासंघ के पदाधिकारी नरेंद्र कुमार साहू ने दी।


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