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लोकसेवकों के खिलाफ FIR की मांग, पुलिस मुख्यालय नया रायपुर में शिकायत

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  रायपुर:- पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में लोकसेवकों के विरुद्ध कथित अनियमितता एवं आपराधिक कृत्यों को लेकर एफआईआर दर्ज कर...


छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

रायपुर:- पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में लोकसेवकों के विरुद्ध कथित अनियमितता एवं आपराधिक कृत्यों को लेकर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदनकर्ता ने थाना राखी, जिला रायपुर में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 24 जून 2026 को डाक रसीद क्रमांक EC438991495IN के माध्यम से थाना राखी को संज्ञेय अपराधों के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने हेतु आवेदन भेजा था, जिसे 25 जून 2026 को प्राप्त किया गया। शिकायत में कथित रूप से लोकसेवक रागिनी मिश्रा और चंद्रकांत साहू और अन्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित कृत्यों में फर्जी दस्तावेज तैयार करना, झूठे अभिलेख बनाना, न्यायालय अथवा राज्य सूचना आयोग के समक्ष जाली दस्तावेज प्रस्तुत करना, साक्ष्यों से छेड़छाड़, आपराधिक षड्यंत्र तथा निजी दुर्भावना से पद का दुरुपयोग जैसे कृत्य शामिल हैं। आवेदन में कहा गया है कि ऐसे कृत्य किसी लोकसेवक के वैध आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं माने जा सकते।

                 सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला--आवेदन में Shadakshari v. State of Karnataka & Another, 2024 INSC 42 सहित सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि तत्कालीन CrPC की धारा 197, जो वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 218 के रूप में लागू है, का संरक्षण केवल उन कार्यों पर लागू होता है, जिनका लोकसेवक के आधिकारिक कर्तव्य से प्रत्यक्ष एवं युक्तिसंगत संबंध हो।आवेदनकर्ता ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के आधार पर दावा किया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करना, झूठे अभिलेख बनाना अथवा ऐसे कृत्य करना जो स्वयं अपराध की श्रेणी में आते हों, लोकसेवक के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए ऐसे मामलों में अभियोजन की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होने का उल्लेख किया गया है।

               थाना राखी को एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश देने की मांग -- आवेदन में पुलिस मुख्यालय से मांग की गई है कि मामले में BNSS की धारा 218 के प्रावधानों एवं सर्वोच्च न्यायालय के बाध्यकारी निर्णयों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर अभियोजन स्वीकृति का प्रश्न उठाया गया हो तो उसका निराकरण भी न्यायालय के निर्णयों के अनुरूप करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने थाना राखी, जिला रायपुर को विधि के अनुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने, संबंधित शासन विभाग को मामले से अवगत कराने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।आवेदनकर्ता (लूरसिंह उर्फ आशीष), पिता प्रहलाद, ग्राम-पोस्ट मड़ेली, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी द्वारा यह आवेदन प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख दस्तावेज में है। मामले में अब पुलिस स्तर पर शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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