छत्तीसगढ़ कौशल न्युज धमतरी:- किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण एवं लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ, जिला धम...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण एवं लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ, जिला धमतरी ने प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन के तहत मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर धमतरी को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संघ ने किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।भारतीय किसान संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में वर्ष 2022-23 के किसानों की बचत बोनस राशि 1700 करोड़ रुपये तत्काल प्रदान करने, प्रदेश में गौ संवर्धन योजना लागू करने तथा जी राम जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोड़ने की मांग की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में समर्थन मूल्य में की गई 258 रुपये की वृद्धि को जोड़कर धान का समर्थन मूल्य 3358 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई।संघ ने कहा कि सब्जी एवं फल उत्पादन करने वाले किसानों को भी कृषक उन्नति योजना का लाभ दिया जाना चाहिए, ताकि खेती में विविधता लाने वाले किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके। इसके अलावा धान खरीदी की अवधि, खरीदी केंद्रों की व्यवस्था और टोकन वितरण प्रणाली में सुधार की मांग की गई।
धान खरीदी व्यवस्था में सुधार की मांग
भारतीय किसान संघ ने धान खरीदी की तारीखों को लेकर 15 नवंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक खरीदी किए जाने की मांग रखी। साथ ही धान खरीदी केंद्रों में 40 किलो 700 ग्राम की अधिकतम निर्धारित मात्रा को प्रत्येक समिति में स्पष्ट रूप से अंकित करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि इससे किसानों को खरीदी प्रक्रिया की जानकारी मिलेगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।टोकन व्यवस्था को लेकर भी संघ ने अपनी मांग रखी। इसके तहत बड़े किसानों को पांच टोकन तथा छोटे किसानों को दो टोकन उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि किसान अपनी उपज को सुविधानुसार विक्रय कर सकें।
फसल क्षति का मुआवजा और गन्ना किसानों को राहत
ज्ञापन में बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई। वहीं, गन्ना उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए गन्ने की खरीदी दर में 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करने की मांग उठाई गई।इसके अतिरिक्त बाजार में अधिक कीमत पर बेचे जा रहे खाद, बीज और कृषि दवाइयों के मूल्यों को नियंत्रित करने तथा नकली कृषि सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। संघ ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ने से किसानों पर आर्थिक दबाव पड़ता है, ऐसे में कृषि सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
भूमि अधिग्रहण और फसल विविधीकरण पर जोर
भारतीय किसान संघ ने किसानों की भूमि के अधिग्रहण से जुड़े मामलों में भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर, उदयपुर के डिक्लेरेशन को अनिवार्य किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।इसके साथ ही धान की फसल के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने और इन फसलों की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदने की गारंटी देने की मांग की गई। संघ का मानना है कि इससे किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी।
जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
यह धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष लालाराम चंद्राकर के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न तहसीलों से पहुंचे किसान एवं संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।इस अवसर पर विनय साहू, ठाकुर राम साहू, तोमन साहू, उत्तम साहू, गौतम साहू, गजाधर, राजकुमार चंद्राकर, प्रदीप चंद्राकर, गोपाल चंद्राकर, भोलाराम साहू, हीरालाल साहू, शिवकुमार, भुनुराम, जयनारायण देवांगन, अश्वनी कंवर, पूरनलाल, टीकाराम साहू, धनुष राम, श्रीराम ध्रुव, शंकर लाल एवं हजारीलाल साहू सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।भारतीय किसान संघ ने शासन से किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर 12 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।


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