छत्तीसगढ़ कौशल न्युज रायपुर:- ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अभनपुर में 'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' के अवसर पर एक दिवसीय विशेष कार्य...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
रायपुर:- ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अभनपुर में 'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' के अवसर पर एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो दो प्रमुख सत्रों में विभाजित था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं प्राध्यापकों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ। इसके पश्चात शिक्षा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुक्ता कौशिक द्वारा सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया गया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में संस्था के संचालक डॉ. आशुतोष शुक्ला ने अपने संदेश में विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का आधार है और एक स्वस्थ मन ही सफलता के नए द्वार खोलता है। संस्था की सह-संचालक श्रीमती भारती शुक्ला ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन ही जीवन की हर चुनौती का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।
इसके बाद प्राचार्या डॉ. रिया तिवारी ने अपने मुख्य एवं ओजस्वी व्याख्यान में समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैले मिथकों (Myth) और तथ्यों (Fact) पर प्रकाश डालते हुए प्रचलित भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने समझाया कि शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। व्याख्यान के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए बेहद व्यावहारिक सूत्र और गतिविधियां सुझाईं। उन्होंने 'MENTAL' शब्द के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने की परिभाषा समझाई—जिसमें M से Meditation (ध्यान), E से Exercise (व्यायाम), N से Nurture/Nature (प्रकृति एवं स्वयं की देखभाल), T से Talk (संवाद/बातचीत), A से Awareness (सजगता) और L से Laughter (हास्य) शामिल हैं। इसके साथ ही तनाव नियंत्रण के लिए उन्होंने 'PAUSE' तकनीक की विस्तृत जानकारी दी—जिसमें P का अर्थ Pause (थोड़ा रुकना), A का अर्थ Awareness (सजग रहना), U का अर्थ Unplug (सोशल मीडिया से दूरी बनाना), S का अर्थ Self-Sympathy (स्वयं के प्रति सहानुभूति) और E का अर्थ Explain (अपनी भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना) बताया गया। डॉ. तिवारी के इस प्रेरणादायी वक्तव्य ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए गहराई से प्रेरित किया।
प्रथम सत्र के तुरंत बाद कार्यक्रम का द्वितीय सत्र प्रारंभ हुआ, जिसमें महाविद्यालय परिसर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों द्वारा 'पॉजिटिव थॉट्स सरप्राइज कैंपेन' (सकारात्मक विचार जागरूकता अभियान) चलाया गया। इस नवाचारी अभियान के तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में जीवन को ऊर्जा देने वाले सकारात्मक विचारों की पर्चियां (चिट्स) तैयार की थीं। कॉलेज परिसर में भ्रमण कर विद्यार्थियों और शिक्षकगणों ने इन चिट्स को उठाया, जिससे सभी के चेहरों पर मुस्कान और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। इस कैंपेन के माध्यम से परिसर में मौजूद सभी लोगों ने एक-दूसरे के लिए सकारात्मक विचार साझा किए और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति आपसी जुड़ाव का संदेश दिया।
इस पूरे कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के समस्त विद्यार्थियों के साथ-साथ प्राध्यापकगण भी पूरी तल्लीनता से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मुक्ता कौशिक, डॉ. निहारिका परिहार, डॉ. माया सोनकर, श्रीमती साधना शर्मा, श्रीमती मीना साहू, श्री नीरज शर्मा एवं श्री नीरज साहू की विशेष उपस्थिति एवं सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने इस दो-सत्रीय आयोजन की भूरि-भूरि सराहना की।


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