छत्तीसगढ़: घर में बड़ी संख्या में मौजूद लोग कर रहे थे बाइबल का पाठ, हिंदू संगठन ने लगाया धर्मांतरण का आरोप

Pradeep Ganjeer
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छत्तीसगढ़ कौशल न्यूज

रवि सोनकर दुर्ग । जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचल के ग्राम पंचायत ओटेबंद के एक घर में बड़ी संख्या में जमा होकर बाइबल का पाठ कर रहे थे, जहा एक हिन्दू संगठन के लोगो द्वारा रायपुर से इसाई समाज के पास्टर समेत 50 लोगो को गाव में ही बंधक बना लिया गया, और उनकी गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ किया, जिससे पुरे गाव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया, बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही नंदिनी थाना पुलिस मौके पर पहुची और जहा बंधक बनाए गए लोगो की सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी लक्स्मन कुमेटी दल बल के साथ तैनात चौकसी करने लगेे। 

पुलिस बल की तैनाती के बाद भी उग्र संगठन के लोगो द्वारा इसाई लोगो पर पथराव भी किया गया, जिससे एक महिला और बच्चे के घायल होने की भी सूचना मिली है, 

वही मामले की गंभीरता को देखते हुए लगभग दो घंटे में पुलिस ने ओटेबंध को छावनी में तब्दील कर दिया, पुलिस प्रशासन के सामने हिन्दू संगठन के लोगो द्वारा पास्टर, महिला और बच्चों को बंधक बनाकर उनको और उनके प्रभु को बुरा भला कहा गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी लोगो को वहा से पुलिस बस में बैठाकर नंदिनी थाना ले जाया गया, जहा नंदिनी पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों के ऊपर कार्यवाही करते हुए इसाई धर्म के लोगो पर किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचाने के आरोप और हिन्दू संगठन के खिलाफ गाड़ियों की तोड़फोड़ किये जाने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की है ।

इस पुरे मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते नजर आ रहे है, जहा बीते दिनों कई ऐसे मामले सामने आये जिसमे हिन्दू संगठन के लोगो द्वारा धर्मनान्तरण का आरोप लगाते हुए इसाई धर्म को बुरा भला कहने के साथ ही उसके अराध्य प्रभु को लेकर अभद्र टिपण्णी भी की गई, वही पुलिस का कहना है की अभी तक किसी भी मामले में ऐसी बात सामने नहीं आई है जिससे धर्मान्तरण किये की बात साबित हो।

जब पुलिस इस बात को मान रही है की धर्मान्तरण की बात नहीं है, तो ऐसे लोगो के द्वारा किसी को बंधक बनाना उन्हें अपमानित करना उनके साथ मारपीट करना, उनके प्रभु को लेकर अभद्र टिपण्णी किये जाने पर सख्त कदन उठाने से क्यों डर रही है, क्या कोई संगठन के नाम पर भीड़ बनाकर लवएन आर्डर को चुनौती दे सकता है, और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रहेगी ।

धीरे धीरे अब जिले में धार्मिक उन्माद बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि दुर्ग जिले का पूरा इतिहास धार्मिक एकता का प्रतिक माना जाता रहा है, आमजन को भी इस बात से समझना चाहिए कि हमारे सविधान ने हमें अधिकार दिए है की हम जिस भी तरीके से ईश्वर की अराधना करना चाहे कर सकते है, लेकिन किसी भी धर्म को दुसरे के धर्मं को अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है ! और ना ही किसी धर्म में किसी भी मामले में हिंसा करने की बात कही गई है, ईश्वर सरल है, ईश्वर आराध्य है, किसी भी धर्म को लेकर किसी की भी भावनाओं को ठेस नहीं पहुचनी चाहिए ।

     पत्रकार

रवि सोनकर भिलाई दुर्ग

मो. 8959665555

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1 Comments
  1. आप की खबर एकपक्षीय नजर आ रही है यह पत्रकारिता का गलत रूप है आप प्रभु की महानता स्थापित करने के लिए नहीं है आपका काम निष्पक्ष होकर खबरें देना है

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