छत्तीसगढ़ कौशल न्युज धमतरी:- ग्राम पंचायत खड़मा एवं सिंगपुर में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत लगभग 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित बहुउ...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- ग्राम पंचायत खड़मा एवं सिंगपुर में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत लगभग 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय केंद्र भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को प्रशासन द्वारा निरस्त किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जिस भवन का विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ, उसी भवन में प्रशासन द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जाना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
अरुण सार्वा ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत निर्मित यह भवन क्षेत्र की जनता को समर्पित किया जाना था। लोकार्पण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित थी और ग्रामीणों में भी उत्साह का माहौल था, लेकिन अंतिम समय में प्रशासन ने कार्यक्रम निरस्त कर दिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उसी भवन में जनसमूह के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाने से लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भवन उद्घाटन योग्य नहीं था या किसी कारणवश लोकार्पण कार्यक्रम स्थगित किया गया था, तो उसी भवन में प्रशासनिक कार्यक्रम आयोजित करने का औचित्य क्या था। वहीं यदि भवन उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार था, तो फिर जनता और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम को क्यों रोका गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल एक भवन का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा विषय है। विकास कार्य जनता के धन से निर्मित होते हैं और उनका लोकार्पण जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।उन्होंने बताया कि खड़मा और सिंगपुर के ग्रामीण भी इस घटनाक्रम को लेकर असमंजस और नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि जिस भवन का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ, उसमें कार्यक्रम किस आधार पर आयोजित किया गया।
अरुण सार्वा ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। ऐसी महत्वपूर्ण योजना के भवन के लोकार्पण को लेकर उत्पन्न स्थिति की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे मामले की शिकायत प्रभारी मंत्री, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा के प्रदेश एवं राष्ट्रीय संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी जाएगी। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की।
सार्वा ने कहा कि जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस विषय को गंभीरता से उठाया जाएगा तथा प्रशासन को पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के साथ कार्य करना चाहिए।


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