छत्तीसगढ़ कौशल न्युज आमदी:- नगर पंचायत आमदी में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और उससे उत्पन्न विद्युत समस्या का मामला लगातार चर्चा में बना हु...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
आमदी:- नगर पंचायत आमदी में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और उससे उत्पन्न विद्युत समस्या का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस संबंध में नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष ऋषभ ठाकुर एवं भाजपा के पूर्व पार्षद प्रेम साहू ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए मामले को गंभीर जनहित का विषय बताया है।
नेता प्रतिपक्ष ऋषभ ठाकुर ने कहा कि वार्ड क्रमांक 03 के रावां रोड एवं भानपुरी मार्ग में स्थित बांस के वृक्षों के कारण आए दिन विद्युत लाइन में फॉल्ट हो रहा है। तेज हवा और तूफान के दौरान बांस के वृक्ष विद्युत तारों से टकराते हैं, जिससे दिन-रात कभी भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। कई बार रात के समय विद्युत विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को मिलकर विद्युत व्यवस्था बहाल करनी पड़ती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि खसरा नंबर 553 की लगभग 75 डिसमिल शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। ग्रामीणों की उपस्थिति में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन की कार्रवाई हुए लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कब्जा नहीं हटाया गया है। इसी भूमि पर लगाए गए बांस के वृक्ष वर्तमान विद्युत समस्या का प्रमुख कारण बन रहे हैं। इस संबंध में कलेक्टर, तहसीलदार, पटवारी को भी जानकारी है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
ऋषभ ठाकुर ने कहा कि मोहल्लेवासियों द्वारा पूर्व में नगर पंचायत में कई बार शिकायत की गई थी। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति साहू द्वारा बांस के वृक्षों की कटाई कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। यहां तक कि "सुशासन तिहार" के दौरान भी आवेदन प्रस्तुत किया गया, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।वहीं भाजपा के पूर्व पार्षद प्रेम साहू ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि नगर पंचायत के अध्यक्ष या उनके परिवार से जुड़े लोगों पर ही शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के आरोप लग रहे हैं और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है, तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि "जब नगर पंचायत का अध्यक्ष ही अतिक्रमण करेगा तो नगर के बाकी लोग भी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए प्रेरित होंगे। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और प्रभावशाली लोगों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलनी चाहिए।"
प्रेम साहू ने कहा कि सीमांकन के बाद भी कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। शासकीय भूमि जनता की संपत्ति है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन को बिना किसी दबाव और पक्षपात के नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।दोनों नेताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 553 की शासकीय भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए, विद्युत आपूर्ति में बाधा बन रहे बांस के वृक्षों को हटाया जाए तथा वार्डवासियों को इस समस्या से शीघ्र राहत दिलाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो नागरिकों के साथ मिलकर जनहित में लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।


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