छत्तीसगढ़ कौशल न्युज भिलाई:- वरिष्ठ नागरिक महासंघ के तत्वावधान में हिंदी एवं संस्कृत के प्रख्यात विद्वान, वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
भिलाई:- वरिष्ठ नागरिक महासंघ के तत्वावधान में हिंदी एवं संस्कृत के प्रख्यात विद्वान, वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा की साहित्यिक कृतियों पर सियान सदन, वैशाली नगर भिलाई में एक गरिमामय एवं ज्ञानवर्धक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं समाज सेवा से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों, साहित्यकारों एवं वरिष्ठजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि साहित्यविद् एवं समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा थे, जबकि अध्यक्षता भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यिक संस्था ‘आरम्भ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य उपस्थित रहे।परिचर्चा में वक्ताओं ने आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा के बहुआयामी साहित्यिक अवदान, संस्कृत एवं हिंदी भाषा के प्रति उनके समर्पण तथा उनकी रचनाओं में निहित सांस्कृतिक, नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. शर्मा की कृतियां भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत साहित्य की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं को समृद्ध करने वाली अमूल्य धरोहर हैं तथा उनकी पुस्तकें जीवन को सार्थक दिशा प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’, शुचि ‘भवि’, डॉ. दीनदयाल साहू तथा श्रीमती वर्षा ठाकुर ने आचार्य शर्मा की विभिन्न कृतियों पर शोधपरक एवं समीक्षात्मक आलेखों का वाचन किया।मुख्य अतिथि कैलाश जैन बरमेचा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा जैसे विद्वान साहित्यकार समाज की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का कार्य कर रहे हैं। उनकी साहित्यिक साधना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।”विशिष्ट अतिथि प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि साहित्य समाज के मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम है और आचार्य शर्मा की रचनाओं में भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों का उत्कृष्ट समन्वय दिखाई देता है।अध्यक्षीय उद्बोधन में घनश्याम कुमार देवांगन ने कहा कि वरिष्ठ साहित्यकारों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आयोजित ऐसी परिचर्चाएं साहित्यिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आचार्य शर्मा को हिंदी एवं संस्कृत जगत की अमूल्य निधि बताया।
कार्यक्रम के केंद्रबिंदु आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने सभी वक्ताओं एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “साहित्य साधना का उद्देश्य मानवता एवं संस्कृति की सेवा होना चाहिए। हमारे वेद-पुराण भारतीय साहित्य एवं संस्कृति के पोषक एवं अमूल्य धरोहर हैं।”महासंघ की ओर से अतिथियों, रचनाकारों एवं वरिष्ठ साहित्यकारों को शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के सामूहिक जन्मोत्सव के अवसर पर दिनेश कुमार गुप्ता, जोसफ एवं शोभाराम भोगड़े को दीर्घ जीवन गौरव सम्मान प्रदान किया गया।कार्यक्रम में लोकप्रिय गायक जोसफ एवं संतोष शुक्ला ने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। आयोजन का शुभारंभ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती से हुआ। स्वागत भाषण में महासंघ अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन ने आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा के साहित्यिक जीवन, प्रकाशित कृतियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर जयति साहू ने किया। अंत में सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं ने सामूहिक रूप से सुस्वादु भोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, वरिष्ठ नागरिक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।


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