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धमतरी शिक्षा विभाग में भूकंप: रसूख और एप्रोच के दम पर मलाईदार कुर्सियों पर बैठे अधिकारियों की छुट्टी...सख्त आदेश

  छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  धमतरी:- जिला प्रशासन ने स्कूली शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार और तानाशाही को जड़ से उखाड़ फेंकने का सख्त फैसला लिया ...

 

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

धमतरी:- जिला प्रशासन ने स्कूली शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार और तानाशाही को जड़ से उखाड़ फेंकने का सख्त फैसला लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के निर्देश पर जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, धमतरी ने विकासखंडों में वर्षों से रसूख के दम पर आरामदायक पदों पर काबिज 7 अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर उनके मूल स्कूलों में वापस भेज दिया है। 17जुलाई 2026 को जारी इस कड़े आदेश ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। कलेक्टर एवं मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी इस कार्रवाई को विभागीय सूत्र 'सर्जिकल स्ट्राइक' बता रहे हैं।

जिनकी कुर्सियां छिन गईं और मूल संस्था में वापसी:

श्री ओंकारनाथ बंजारे (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – मूल: शा.उ.मा.वि. अकलाडोंगरी, धमतरी

श्री खिलेश कुमार साहू (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – मूल: शा.उ.मा.वि. बिरेतरा, धमतरी

श्री सुरेश कुमार ध्रुव (लेखापाल) – मूल: शा.उ.मा.वि. कण्डेल, धमतरी

श्री ललित कुमार सिन्हा (बी.आर.सी.सी.) – मूल: शा.उ.मा.वि. बारना, धमतरी

श्री कुलेश्वर सिन्हा (बी.आर.सी.सी.) – मूल: शा.क.मा.शा. कुरूद, कुरूद

श्री तामेश्वर प्रसाद ठाकुर (बी.आर.सी.सी.) – मूल: शा.उ.मा.वि. बुड़ेनी, मगरलोड

श्री प्रकाश चंद साहू (बी.आर.सी.सी.) – मूल: शा.मा.शा. पंडरीपानी (माल), नगरी

      'एप्रोच' का खेल खत्म, अब स्कूलों में लौटो!...लंबे समय से जिले में शिकायतें आ रही थीं कि कुछ रसूखदार शिक्षक-कर्मचारी अपनी मूल जिम्मेदारी बच्चों को पढ़ाने  को तिलांजलि देकर AC दफ्तरों में आराम फरमा रहे थे। सिफारिशों और ऊंची पहुंच के बल पर ये लोग विकासखंड और जिला कार्यालयों में सालों से चिपके हुए थे, जिससे ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई थी और गरीब बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही थी। जिला प्रशासन ने अब साफ संदेश दे दिया है रसूख का खेल बंद! अब कोई भी 'एप्रोच' काम नहीं आएगी। सभी संबंधितों को तुरंत मूल संस्थाओं में कार्यभार संभालने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस ऐतिहासिक कार्रवाई का जिले के पालकों, जागरूक नागरिकों और शिक्षक संगठनों ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और बच्चे अपना हक पा सकेंगे।

            प्रशासन का अल्टीमेटम...कोई भी कोताही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं होगी। जो भी मूल स्कूल में समय पर रिपोर्ट नहीं करता, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई साबित करती है कि जब प्रशासन इरादा कर ले तो रसूख और सिफारिशों का कोई जोर नहीं चलता। धमतरी जिले के लिए यह एक स्वागत योग्य शुरुआत है। अब देखना यह है कि आगे और कितने ऐसे 'कुर्सी हड़पने वाले' पकड़े जाते हैं।


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