छत्तीसगढ़ कौशल न्युज धमतरी:- राज्य शासन के संलग्नीकरण समाप्ति के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ गईं। धमतरी जिले में बीआरसी (BRC) और एपीसी (APC...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- राज्य शासन के संलग्नीकरण समाप्ति के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ गईं। धमतरी जिले में बीआरसी (BRC) और एपीसी (APC) जैसे मलाईदार पदों पर अयोग्य चहेतों को बैकडोर से दोबारा पदस्थापना कर दी गई। इस घोटाले से छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला इकाई-धमतरी में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन ने भारमुक्त किया, शासन स्तर पर बैकडोर खुला...राज्य शासन ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए विभिन्न कार्यालयों में वर्षों से संलग्न शिक्षकों को मूल शालाओं में वापस भेजने का आदेश जारी किया था। इसी क्रम में धमतरी जिला प्रशासन ने 17 जुलाई 2026 को विकासखंड एवं जिला स्तर के सभी BRC, APC आदि पदों पर तैनात शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया। आम कर्मचारियों और अभिभावकों में इस निष्पक्ष कार्रवाई से काफी प्रसन्नता थी, लेकिन यह खुशी महज 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। भारमुक्त किए गए रसूखदार शिक्षक अपनी मूल शालाओं में जॉइनिंग देने से पहले ही शासन स्तर से प्रभाव और सांठ-गांठ के सहारे पुनः उसी पद पर पदस्थापना के आदेश निकाल लिए गए। संघ ने इसे राज्य शासन की मंशा का मखौल बताया है
नियमों की धज्जियां, Teacher LB बना BRC
छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला संरक्षक श्री राजेंद्र चंद्राकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बड़े खेल का भंडाफोड़ किया। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत BRC पद के लिए न्यूनतम योग्यता ‘प्रधान पाठक’ या ‘व्याख्याता’ निर्धारित है।परंतु धमतरी जिले में नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर शिक्षक एलबी (Teacher LB) संवर्ग के अयोग्य लोगों को BRC जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व अकादमिक पदों पर बैठा दिया गया है।किसी भी पद पर पदस्थापना या प्रतिनियुक्ति से पहले संबंधित लोकसेवक की मूल पद और निर्धारित योग्यताओं का ध्यान रखना अनिवार्य है। लेकिन धमतरी में पहुंच और कथित लेन-देन के आधार पर अयोग्य लोगों को प्रशासनिक पदों की कमान सौंपी जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित और निंदनीय है।
राजेंद्र चंद्राकर, जिला संरक्षक, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ! संघ की मांग और चेतावनी?
संघ ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विवादास्पद पदस्थापना आदेशों को तत्काल निरस्त कर अयोग्य प्रभारियों को मूल शालाओं में भेजा जाए।संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो नियम विरुद्ध इन नियुक्तियों के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।यह मामला शिक्षा विभाग में व्याप्त पहुंच और favoritism की संस्कृति को उजागर करता है, जिससे योग्य कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला इकाई-धमतरी ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है।


No comments