छत्तीसगढ़ कौशल न्युज कुरूद:- धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सड़क पर कुछ ही समय में दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क के...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
कुरूद:- धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सड़क पर कुछ ही समय में दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क के किनारे लंबी-लंबी दरार पड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि जिस सड़क से लोगों को वर्षों तक बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वह पहली ही बारिश में अपनी मजबूती खोती नजर आ रही है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है और वे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सड़क छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) के माध्यम से कुरूद–चर्रा–छाती–उड़ना–झिरिया–कण्डेल–भोथली–बोड़रा–संबलपुर मार्ग के चौड़ीकरण एवं उन्नयन के तहत बनाई गई है। सूचना पट्टिका के अनुसार सड़क की कुल लंबाई 5 किलोमीटर है तथा इस कार्य पर लगभग 694.74 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कार्य प्रारंभ की तिथि 22 जनवरी 2022 तथा कार्य पूर्ण करने की संभावित तिथि 22 दिसंबर 2023 अंकित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण पूरा हुए अधिक समय भी नहीं बीता है, लेकिन सड़क के किनारे कई स्थानों पर चौड़ी दरारें उभर आई हैं। तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि सड़क का एक हिस्सा नीचे धंसता हुआ दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो लगातार बारिश के कारण दरार और चौड़ी हो सकती है, जिससे सड़क का हिस्सा टूटने का खतरा बढ़ जाएगा और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान यदि गुणवत्ता मानकों का सही ढंग से पालन किया गया होता तो इतनी जल्दी सड़क क्षतिग्रस्त नहीं होती। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री, बेस तैयार करने की प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बारिश के मौसम में इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, छात्र-छात्राएं और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क पर आई दरारें वाहन चालकों के लिए खतरे का कारण बन सकती हैं। विशेष रूप से रात के समय या तेज बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर सड़क का तकनीकी निरीक्षण करे, दरार पड़ने के वास्तविक कारणों का पता लगाए तथा तत्काल आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। साथ ही सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सरकारी धन से बनने वाले विकास कार्यों में लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
अब देखना यह होगा कि लाखों रुपये की लागत से बने इस सड़क निर्माण कार्य में सामने आई इन खामियों पर संबंधित विभाग कितना गंभीर रुख अपनाता है और आम जनता को सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


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