छत्तीसगढ़ कौशल न्युज सत्यनारायण पटेल भाटापारा:- कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में भाटापारा निवासी और आईआईटी मुंबई के 23 वर्षीय होनहार छ...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
सत्यनारायण पटेल भाटापारा:- कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में भाटापारा निवासी और आईआईटी मुंबई के 23 वर्षीय होनहार छात्र योगेश साहू ने अपनी चतुराई, ज्ञान और असाधारण प्रतिभा के दम पर 50 लाख रुपये की बड़ी राशि जीतकर भाटापारा सहित पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। हालांकि, एक करोड़ रुपये के सवाल पर पहुंचने के बाद सवाल की शब्दावली को लेकर उनके मन में उठे संदेह ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठे योगेश साहू ने लगातार कठिन सवालों के सही जवाब देते हुए एक करोड़ रुपये के 15वें सवाल तक का सफर तय किया। एक करोड़ रुपये के लिए उनसे वर्ष 1943 में मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में आयोजित पहली इंडियन डर्बी जीतने वाले बड़ौदा के महाराजा के घोड़े से संबंधित सवाल पूछा गया। सवाल के चार विकल्प थे—प्रिंसेस ब्यूटीफुल, रीगल डोमेन, स्टार ऑफ ग्वालियर और प्रिंस प्रदीप।इस सवाल का सही ऐतिहासिक उत्तर प्रिंसेस ब्यूटीफुल था।
लेकिन योगेश इस उत्तर को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। उनकी शंका सवाल में इस्तेमाल किए गए अंग्रेजी शब्द “हॉर्स” को लेकर थी। उनका कहना था कि प्रिंसेस ब्यूटीफुल वास्तव में घोड़ा नहीं, बल्कि फिली अर्थात मादा घोड़ी थी। ऐसे में उन्होंने सवाल की शब्दावली पर आपत्ति जताई और एक करोड़ रुपये का जोखिम लेने के बजाय 50 लाख रुपये की जीती हुई राशि लेकर खेल छोड़ने का निर्णय लिया।क्या सवाल की शब्दावली गलत थी?
घुड़दौड़ की तकनीकी भाषा में कम उम्र की मादा घोड़ी को फिली कहा जाता है, जबकि वयस्क मादा घोड़े को मेयर कहा जाता है। ऐतिहासिक अभिलेखों में प्रिंसेस ब्यूटीफुल को फिली के रूप में दर्ज किया गया है। वही वर्ष 1943 में पहली इंडियन डर्बी जीतने वाली घोड़ी थी।
हालांकि सामान्य अंग्रेजी भाषा में हॉर्स शब्द का इस्तेमाल घोड़े की पूरी प्रजाति अथवा घुड़दौड़ में भाग लेने वाले घोड़े के लिए सामान्य रूप से किया जाता है। इसलिए सवाल को पूरी तरह गलत कहना उचित नहीं होगा। लेकिन एक करोड़ रुपये जैसे महत्वपूर्ण सवाल में यदि “रेसहॉर्स” अथवा सीधे “फिली” जैसे अधिक स्पष्ट शब्द का इस्तेमाल किया जाता, तो प्रतियोगी के सामने भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होती।
चारों विकल्पों में कौन घोड़ा और कौन घोड़ी?
प्रिंसेस ब्यूटीफुल — घोड़ी (फिली)
रीगल डोमेन — घोड़ा
स्टार ऑफ ग्वालियर — घोड़ा
प्रिंस प्रदीप —
घोड़ा अर्थात चारों विकल्पों में केवल प्रिंसेस ब्यूटीफुल घोड़ी थी, जबकि शेष तीन विकल्प घोड़ों के नाम थे।
पिता ने भी बताई सवाल की अस्पष्टता
योगेश साहू के पिता गया राम साहू से फोन पर हुई चर्चा में उन्होंने बताया कि सवाल की शब्दावली में स्पष्टता नहीं थी। इसी कारण योगेश के मन में भ्रम की स्थिति बनी और उन्होंने एक करोड़ रुपये के सवाल का उत्तर देने के बजाय खेल छोड़ना उचित समझा।वहीं ग्राम टेहका के पूर्व सरपंच एवं पंचम दीवान स्कूल की शाला विकास समिति के अध्यक्ष रोहित साहू ने भी सवाल की शब्दावली पर अपनी बात रखते हुए कहा कि एक करोड़ रुपये जैसे महत्वपूर्ण सवाल में शब्दों का चयन पूरी तरह सटीक होना चाहिए, ताकि किसी तकनीकी शब्द के कारण प्रतियोगी भ्रमित न हो।
योगेश साहू का एक करोड़ रुपये के सवाल तक पहुंचना ही उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। 50 लाख रुपये की राशि लेकर खेल छोड़ना भले ही एक करोड़ रुपये से एक कदम पहले रुकना रहा, लेकिन बिना अनावश्यक जोखिम उठाए अपनी जीती हुई राशि सुरक्षित रखना उनकी समझदारी, सूझबूझ और निर्णय क्षमता को दर्शाता है। यही वजह है कि योगेश साहू और एक करोड़ रुपये के इस सवाल की चर्चा अब भाटापारा से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है।




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