Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

ब्रेकिंग :

latest

जिले में मिलावटी पनीर पर लगा शिकंजा, एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  कवर्धा:- जिले में आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्...


छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

कवर्धा:- जिले में आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विक्रय एवं उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में जिले के सभी निर्माता, वितरक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग संस्थानों तथा अन्य खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, डेयरी एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है जो देखने और स्वाद में सामान्य पनीर जैसा प्रतीत होता है, लेकिन इसका निर्माण पूर्ण रूप से दूध से नहीं किया जाता। इसमें दूध के स्थान पर या उसके साथ वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध पदार्थों का उपयोग किया जाता है। कई स्थानों पर ऐसे उत्पादों को बिना स्पष्ट लेबलिंग के साधारण पनीर या फ्रेश पनीर के नाम से बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की आशंका बनी रहती है।

           भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ऐसे उत्पादों के लिए अलग लेबलिंग का प्रावधान किया गया है, ताकि उपभोक्ता वास्तविक पनीर और डेयरी एनालॉग उत्पाद के बीच अंतर समझ सकें। निरीक्षण के दौरान यदि प्रतिबंधित अथवा भ्रामक तरीके से बेचे जा रहे उत्पाद पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जब्ती, विनष्टीकरण एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि पनीर या अन्य डेयरी उत्पाद खरीदते समय उसकी लेबलिंग एवं उत्पाद संबंधी जानकारी अवश्य जांचें। यदि किसी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित अथवा नकली पनीर के निर्माण, बिक्री या उपयोग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को दें, ताकि आवश्यक जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।

No comments