छत्तीसगढ़ कौशल न्युज धमतरी:- मुख्य नहर में निर्माणाधीन पुल के निर्माण कार्य को लेकर अनियमितता की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने निर्...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- मुख्य नहर में निर्माणाधीन पुल के निर्माण कार्य को लेकर अनियमितता की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभाग से निर्माण कार्य का कड़ाई से निरीक्षण कराने तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मुख्य नहर में पुल निर्माण का ठेका Pawar Construction को करीब 5 करोड़ 34 लाख 30 हजार 773 रुपये की राशि में 29 सितंबर 2023 को दिया गया था। इसकी मूल कार्यावधि 29 सितंबर 2024 तक निर्धारित थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्धारित अवधि के बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ और निर्माण में उपयोग किए जाने वाले उचित सामग्री के स्थान पर कथित तौर पर काली मिट्टी का बेस तैयार किया गया है।
शिकायत के अनुसार पुल से आगे सड़क निर्माण के लिए करीब 150 से 200 ट्रिप काली मिट्टी डाली गई है। आरोप है कि इससे सड़क पर दरारें आने की आशंका है और भविष्य में दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो सकती है। शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
विभाग ने पत्र के जवाब में दी स्थिति स्पष्ट
वहीं, शिकायत के जवाब में विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि मुख्य नहर में पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। पत्र के मुताबिक नहर में निरंतर जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना एवं जल संसाधन विभाग, रायपुर द्वारा द्वितीय समयावृद्धि 31 मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण करने के लिए प्रदान की गई थी।विभाग ने निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्रियों के संबंध में कहा है कि उनका गुण नियंत्रण इकाई (Quality Control) द्वारा परीक्षण किए जाने के बाद ही उपयोग किया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर प्रयुक्त सामग्री का परीक्षण एवं उपयुक्तता की जांच के बाद कार्य में इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है।विभागीय जवाब में यह भी उल्लेख है कि मुख्य नहर के पुल से दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण किया जा रहा है। एप्रोच रोड में डाली गई काली मिट्टी का बेस तत्काल हटाने के लिए ठेकेदार को पत्राचार किया गया है।
अब सवाल यह है कि शिकायत में लगाए गए गुणवत्ता संबंधी आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है और निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। ऐसे में मौके पर तकनीकी जांच और गुणवत्ता परीक्षण से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।


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