कड़ी धूप में पंडाल में पसीने बहाकर सुनें भक्त भगवान की कथा

Pradeep Ganjeer
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छत्तीसगढ  कौशल 

कुरूद:- श्री गौरीशंकर शिवमहापुराण कथा के आज चौथे दिन शिवभक्तों ने 40डिग्री की चिलचिलाती धूप में कथा सुनें। पंडाल पूरा शिवभक्तों से खचाखच भरा हुआ था। सुबह से लोगो का आना शुरू हो गया था। वीआईपी पास वाले गेट में रेलमपेल थी जिसके कारण लोगों को खूब पसीना बहाना पड़ा। वहीं वीवीआईपी गेट पर भी तगड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। बावजूद सेवादारों ने अपने परिवार को व्यासपीठ के सामने वाले पंडाल में जगह दिलाने पुलिसकर्मियों एवं बाउंसरों से उलझ रहे थे। जिससे धक्कामुक्की की स्थिति निर्मित हो गई थी।

 आगे पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा वृक्ष जब छोटे से बड़ा बनता है तो आवाज नही करता, वही वृक्ष बढ़ा होकर टूटता है तो बहुत आवाज करता है। इसी तरह मेहनत करने वाला जब बढ़ता है तो उसकी शालीनता और मौन रूप ही उसकी ताकत होती है। टूटने वाला ही शोर मचाता है,और उन्नति की ओर आगे बढ़ने वाला होता है वह दिखावा नहीं करता। एक नारी के मस्तक की बिंदी और जिव्हा से निकलने वाली हिंदी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।दरवाजे में गौ माता को रोटी देना भी एक तीर्थ के बराबर है।केवल नवरात्रि में मां को पूजने से फल नही मिलेगा।माता पिता को जीवन भर पूजो हमेशा पुण्य मिलेगा। मां के चरणो तैतीस कोटि देवी देवता का वास होता है।

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