श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण जन्म व बाल लीलाओं का हुआ भावपूर्ण वर्णन

Pradeep Ganjeer
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छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

रानीतराई:- ग्राम रानीतराई में वर्मा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आज कथावाचक पंडित श्री हरिशरण वैष्णव ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग एवं बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कथा के माध्यम से भगवान कृष्ण द्वारा माता यशोदा से माखन-दही की चोरी, गोपियों को तंग करने तथा सखाओं के साथ माखन चुराने की रोचक लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया।कथावाचक ने बताया कि जब गोपियां घर पर नहीं होती थीं, तब भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ घरों में जाकर छींके में रखे माखन को चुराकर खाते थे और पकड़े जाने पर माता यशोदा को अपनी बातों से रिझा लेते थे। माता यशोदा भी अपने लल्ला की बातों में आकर गोपियों से समझौता कर लेती थीं।

      उन्होंने गज और ग्राह की कथा के माध्यम से भक्तों को यह संदेश दिया कि जो जीव भगवान के भक्तों का चरण पकड़ लेता है, भगवान पहले उसी का उद्धार करते हैं। कथा में बताया गया कि भागवत कथा जीवन जीने की कला सिखाती है। मन के मंथन से पहले विष रूपी विचार निकल सकते हैं, लेकिन यदि प्रेम रूपी रस्सी से नारायण नाम का स्मरण करते रहें, तो अंततः अमृत अवश्य प्राप्त होता है।कथावाचक ने दान की महिमा पर प्रकाश डालते हुए राजा बलि और वामन अवतार की कथा सुनाई और कहा कि दानवीर के सामने भगवान को भी हाथ फैलाना पड़ता है। जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं।कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं दही लूट उत्सव मनाया।इस अवसर पर आशीष वर्मा (पूर्व ओएसडी), अशोक साहू (पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत दुर्ग), जनपद सदस्य रश्मिभेद प्रकाश वर्मा, दिनेश साहू, सरपंच सत्यनारायण टिकरिहा, संतोष पटेल, भविष्य जैन, विजय वर्मा, केदार वर्मा, सुमित विश्वकर्मा, सोमू वर्मा, सतीश नेताम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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