छत्तीसगढ़ कौशल न्युज धमतरी:- मोदी सरकार ने अपना इस साल का बजट संसद में पेश किया इसके पश्चात बजट पर पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रिया देखने को...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- मोदी सरकार ने अपना इस साल का बजट संसद में पेश किया इसके पश्चात बजट पर पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रिया देखने को मिली पक्ष के लोग इसके समर्थन में उतर आये और विपक्ष के लोग जमकर विरोध जताये अमूमन हमारे देश में ऐसा होता है लेकिन इससे परे हटकर इसकी सच्चाई जानना आम जनता के लिये बहुत जरूरी होता है बजट की मूल बात यह होती है कि बजट बनता है सरकार के पास पैसे की उपलब्धता के आधार पर कि सरकार के पास पैसा कितना है और सरकार की देनदारियां कितनी है आर्थिक सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट के अनुसार सरकार को income tax, gst, व अन्य साधनों से आय पिछले वर्ष २८ लाख ३७ हज़ार करोड़ रुपये की हुई थी जो इस वर्ष बड़कर २८ लाख ६६ हज़ार करोड़ की हुई जो कि पिछले वर्ष के मुक़ाबले १% की वृद्धि है जबकि सरकार की कर्ज के ऊपर ब्याज की देनदारी पिछले वर्ष १२ लाख ७५ हज़ार करोड़ थी जो कि इस वर्ष १४ लाख करोड़ रुपये हो गई मतलब १०% की वृद्धि मतलब आय में वृद्धि १% व व्यय में वृद्धि १०% माने ९% का नुक़सान हो गया इसका मतलब यह है कि सरकार नुक़सान में चल रही है । आजादी के बाद से २०१४ तक ६५ से ७० साल में जो भी सरकारें सत्ता मे आई उन्होंने कुल ५५ लाख करोड़ का कर्ज लिया था लेकिन मोदी सरकार ने २०१४ से लेकर अब तक इस कर्ज को बढ़ाकर २२५ लाख करोड़ के आंकड़े तक पहुँचाने का काम किया है जो कि ११ साल में लगभग ४ गुना ज़्यादा ये सब आँकड़े इस सरकार की नाकामी व कथनी और करनी में अंतर बता रहे हैं कहाँ गये आपके पिछले बजट के वादे बुलेट ट्रेन स्मार्ट सिटी वो तो पूरे नहीं हुए फिर एक नया डिंढोरा पीटने का काम शुरू हो गया है देश का ग़रीब व मध्यम वर्गीय परिवार परेशान है लोगो के पास क्रय शक्ति नहीं है जिस देश के ८० करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है ३० करोड़ लोग बैंक के कर्ज में डूबे है उनकी अपनी कमाई का ४०% हिस्सा किश्त जमा करने में जा रहा है बाजार में हर चीज महंगी बिक रही है शिक्षा चिकित्सा ग़रीब व्यक्ति के पहुँच से बाहर हो गई है
आज मोदी सरकार अपनी तुलना चाइना अमेरिका जैसे देशों से करते दिखते हो व विश्व गुरु का डंका बजा रहे हो जबकि सच्चाई यह है कि हम उन देशों के रिसर्च टेक्नोलॉजी कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उनके बजट का ०.१ % का भी प्रावधान नहीं कर रहे हैं तो फिर भारत कैसे विकसित राष्ट्र बनेगा इस पर संदेह होना लाजिमी है मोदी सरकार के द्वारा कागजों पर ही काम चल रहा है हकीकत इससे बहुत अलग है आज की स्थिति में भारत आर्थिक गुलामी की ओर अग्रसर होता जा रहा है भारत एक कृषि प्रधान देश है और जब तक किसान मछुवारों डेयरी सेक्टर में सही तरीक़े से काम नहीं करेंगे तब तक यह देश विकसित नहीं होगा झूठे काग़ज़ी आँकड़े व मुंगेरी लाल के सपने देखना बंद कर सरकार को किसानो मध्यम वर्गीय व्यापारियों युवाओ को रोज़गार दिलाने की दिशा में काम करने जरूरत है चौबीसों घंटे चुनावी मोड से निकलकर जनता व देश हित के मुद्दों पर काम करने की ज़रूरत है स्व गुणगान करने की बजाय राष्ट्र का गुणगान होगा तभी भारत विकसित भारत बनेगा ।


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