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धान सुखत की राशि सरकार या मार्कफेड वहन करे, समितियों पर कार्रवाई रोकी जाए – नरेंद्र कुमार साहू

  छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  धमतरी:- छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार साहू ने धान खरीदी केंद्रों में प्रदर्...

 

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

धमतरी:- छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार साहू ने धान खरीदी केंद्रों में प्रदर्शित हो रही सुखत (शॉर्टेज) की समस्या को लेकर राज्य सरकार और मार्कफेड से तत्काल समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि धान सुखत की राशि समितियों के कमीशन से काटना अन्यायपूर्ण है। यह राशि या तो मार्कफेड के कमीशन से समायोजित की जाए अथवा राज्य सरकार इसकी भरपाई करे।प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश के 2058 समितियों के 2740 उपार्जन केंद्रों में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जिसमें से करीब 1 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव अभी भी ऑनलाइन शेष दर्शाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर समय पर परिवहन नहीं होने के कारण धान लंबे समय तक केंद्रों में पड़ा रहा, जिससे प्राकृतिक कारणों जैसे तेज धूप, चूहे, दीमक और कीटों के कारण वजन में कमी आई है।उन्होंने कहा कि समितियों का कार्य केवल किसानों से धान खरीदी करना है, जबकि धान के परिवहन की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला विपणन संघ और मार्कफेड की होती है। इसके बावजूद सुखत की राशि का भार समितियों और कर्मचारियों पर डाला जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है और उन्हें कर्ज लेकर राशि जमा करनी पड़ रही है।

         नरेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रदर्शित शॉर्टेज को घोटाले का रूप देकर कई जिलों में समिति प्रबंधकों, ऑपरेटरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी केंद्र में अनियमितता की आशंका है तो सरकार द्वारा गठित समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।महासंघ ने यह भी मांग की है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 की धान सुखत राशि समितियों को प्रदान की जाए तथा वर्ष 2024-25 की शून्य शॉर्टेज प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान किया जाए। साथ ही सुखत के नाम पर कर्मचारियों पर की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और आंदोलन के दौरान निलंबित या बर्खास्त कर्मचारियों की सवेतनिक बहाली की जाए।

       प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महासंघ द्वारा धान के समय पर उठाव और लंबित मांगों को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में पुनः अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने पर विचार किया जाएगा।नरेंद्र कुमार साहू ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों और समितियों दोनों को लाभ हो रहा है, लेकिन परिवहन व्यवस्था में सुधार नहीं होने से समितियां आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, खाद्य मंत्री और पंजीयक से इस विषय में शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।

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