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ग्रेशियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग में किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  अभनपुर:- ग्रेशियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग, अभनपुर में “किशोर मानसिक स्वास्थ्य एवं स्कूल-आधारित नर्सिंग हस्तक्षेप” विषय पर एक ...


छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

अभनपुर:- ग्रेशियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग, अभनपुर में “किशोर मानसिक स्वास्थ्य एवं स्कूल-आधारित नर्सिंग हस्तक्षेप” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन श्री ओंकार ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं, उनकी प्रारंभिक पहचान, प्रबंधन, जागरूकता और प्रभावी नर्सिंग हस्तक्षेपों के प्रति विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को जागरूक करना रहा।कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग द्वारा निदेशक डॉ. आशुतोष शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री हेमलता साफा एवं श्रीमती दामिनी तिवारी ने किया।

           प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता नायक, PGIMS माना, रायपुर ने “किशोर मानसिक स्वास्थ्य एवं उसका प्रबंधन” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले मानसिक, भावनात्मक एवं व्यवहार संबंधी बदलावों, सामान्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और उनके शुरुआती लक्षणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। इस सत्र की मॉडरेटर सुश्री नमिता सिंह रहीं।

          द्वितीय सत्र में शंकराचार्य हॉस्पिटल, जुनवानी की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. शमा हमदानी ने “किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने तनाव, भावनात्मक समस्याओं, आत्मविश्वास की कमी और सामाजिक दबाव जैसी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किशोरों को सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस सत्र की मॉडरेटर डॉ. श्रीमती गीतांजलि माणिक रहीं।

            तृतीय सत्र में ग्रेशियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्य डॉ. रिया तिवारी ने “किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य विकारों के वैकल्पिक प्रबंधन” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने सकारात्मक जीवनशैली, योग, विश्राम तकनीक, परामर्श, सामाजिक सहयोग एवं रचनात्मक गतिविधियों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया। सत्र की मॉडरेटर सुश्री जयश्री साहू रहीं।कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता, प्रारंभिक पहचान, उचित परामर्श और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लेने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को किशोर मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों और उनके प्रभावी प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी मिली।

      समापन अवसर पर आयोजित वैलिडिक्टरी कार्यक्रम में ग्रेशियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. डी. कलाईचेल्वी सोलोमन एवं ग्रेशियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्य डॉ. रिया तिवारी उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए प्रतिभागियों को प्राप्त ज्ञान का शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।अंत में सुश्री सोनम सोनवानी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों, वक्ताओं, मॉडरेटर, प्रबंधन, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के सफल आयोजन ने ग्रेशियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की मानसिक स्वास्थ्य एवं सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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