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हिंदी-छत्तीसगढ़ी के संगम ने बांधा समां, कवियों की रचनाओं पर झूमे श्रोता

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज भाटापारा:- आदर्श सत्संग सेवा आश्रम ग्राम केसली के तत्वावधान में क्षेत्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदी और छत्ती...


छत्तीसगढ़ कौशल न्युज

भाटापारा:- आदर्श सत्संग सेवा आश्रम ग्राम केसली के तत्वावधान में क्षेत्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा के अनूठे संगम से सजे इस कवि सम्मेलन में देश-विदेश में पहचान बना चुके साहित्यकारों सहित क्षेत्रीय कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। हास्य, भक्ति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सत्यनारायण (सत्तू) पटेल ने कहा कि हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा के समावेश ने इस आयोजन को विशेष और रोचक बना दिया। ऐसे साहित्यिक आयोजन लोकभाषा, संस्कृति और साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने आदर्श सत्संग सेवा आश्रम एवं ग्राम केसलीवासियों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को साहित्य और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।

         कार्यक्रम का शुभारंभ आदर्श सत्संग सेवा आश्रम के संचालक अशोक मिश्रा (आचार्य) ने मां सरस्वती की वंदना "बुद्धि के देवइया दाई, गुन ला गावंव तोर..." से किया। इसके बाद कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।डॉ. राम नारायण नेताम ने भावपूर्ण रचना "निर्मल होकर कोई जब उन्हें पुकारा है, फिर कौन बिगड़ेगा जब राम सहारा है" प्रस्तुत कर भक्ति का वातावरण निर्मित किया। वहीं डॉ. कृष्ण कुमार वर्मा की छत्तीसगढ़ी कविता "भरत के आंसू के धार संग रोए हंव बनवास गए त, गौतम श्रापित अहिल्या तारे नारी रुपवा पाथर देखत..." ने पूरे माहौल को राममय कर दिया।

        अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले साहित्यकार डॉ. ललित सिंह ठाकुर ने अपनी चिर-परिचित छत्तीसगढ़ी बोली में "मैं छत्तीसगढ़ महतारी अंव, ओन्हना-कोन्हना के चिन्हारी अंव, सुख-दुख के संगवारी अंव, अऊ मन के मैं मतवारी अंव..." जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी रचनाओं में छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और जनजीवन की झलक देखने को मिली, जिस पर श्रोता झूम उठे। "अंधवा-कनवा के लाठी अंव" और "जय जवान, जय किसान" जैसे भावों ने राष्ट्रप्रेम की भावना को भी मजबूत किया।ख्यातिप्राप्त कवयित्री अन्नपूर्णा पवार आहुति ने अपनी कविता "जितने राम अवध के हैं, उतने ही दक्षिण कौशल के, जितने पिता के परिचय हैं, उतने ही मां के आंचल के..." के माध्यम से भगवान राम और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों को अभिव्यक्त किया। उनकी प्रस्तुति को भी श्रोताओं ने जमकर सराहा।

      कार्यक्रम के अंतिम चरण में कवि संतोष कुमार नायक ने सरकार की चावल योजना को लेकर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी व्यंग्यात्मक कविता प्रस्तुत की। उन्होंने कहा— "न जाने क्यों लोग सरकार की चावल योजना को गलत बताते हैं, योजना गरीबों के लिए बनती है, जिसके लाभ को अमीर लोग उठाते हैं..." उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।समापन अवसर पर आदर्श सत्संग सेवा आश्रम के संचालक अशोक मिश्रा (आचार्य) ने सम्मेलन में शामिल सभी कवियों का साल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों तथा उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।कवि सम्मेलन में साहित्य, संस्कृति, भक्ति और छत्तीसगढ़ी लोकभाषा का सुंदर समागम देखने को मिला। आयोजन ने ग्राम केसली में देर तक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक माहौल बनाए रखा।

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