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Kurud: सिलघट में नवीन धान उपार्जन केंद्र को शासन की मंजूरी, कुरूद के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  धमतरी: - किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के ...


छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

धमतरी:- किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए प्रदेश में 21नवीन धान उपार्जन केंद्र खोले जाने की अनुमति प्रदान की है। शासन के आदेश में धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के सिलघट को नवीन धान उपार्जन केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इससे क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के लिए नजदीकी खरीदी केंद्र की सुविधा मिलने की उम्मीद है। जारी सूची के अनुसार मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में खड़गवां विकासखंड के उदनापुर, कदरेवा और देवाडांड, मुंगेली जिले में मुंगेली व फुलझर क्षेत्र के करूपान, फुलझरी और शीतलदह, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में सेमरिया तथा तखतपुर में बेलसरा, बेमेतरा जिले के नवागढ़ में ढनढनी, धमतरी के कुरूद में सिलघट, कवर्धा के पंडरिया में भेदागढ़ तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ के बिलाईगढ़ में मड़कड़ी को नवीन धान उपार्जन केंद्र बनाया जाएगा।

         इसी तरह कांकेर जिले में अंतागढ़, कोयलीबेड़ा आदि क्षेत्रों में कलेपरस, नागरबेड़ा, पानीडोबीर, मनहकाल, किसकोडो (बड़ापाल), प्रेमनगर, ईरकबुट्टा, स्वरूप नगर और मेहड़ा सहित कुल 21 केंद्रों को सूचीबद्ध किया गया है।

केंद्रों के लिए तय किए गए आवश्यक इंतजाम

              शासन ने नवीन धान उपार्जन केंद्रों को शुरू करने से पहले आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जहां मंडी अथवा उपमंडी प्रांगण उपलब्ध है, उसका उपयोग धान खरीदी के लिए करने को कहा गया है। केंद्र के लिए पर्याप्त समतल एवं ऊंची भूमि का चयन किया जाएगा तथा नीची अथवा गड्ढे वाली जमीन से बचने के निर्देश हैं। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना भी जरूरी होगा।नवीन केंद्रों में कंप्यूटर सेट, दो प्रिंटर, यूपीएस और 2 केवीए जनरेटर की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा की जाएगी। किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए प्रत्येक केंद्र पर फिंगरप्रिंट एवं आईरिस डिवाइस उपलब्ध कराने की बात कही गई है।इसके अलावा नमी मापने के लिए आर्द्रतामापी, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र, पॉलिथीन कवर और डनेज सामग्री की व्यवस्था समिति द्वारा की जाएगी। केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली एवं प्रकाश, पीने के पानी और सुगम पहुंच मार्ग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।धान बिक्री के लिए किन-किन निकटस्थ ग्रामों को संबंधित खरीदी केंद्र से जोड़ा जाएगा, इसका निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। साथ ही केंद्रों की मैपिंग भारत सरकार के PCSAP पोर्टल में करने और खरीदी केंद्र की जानकारी समिति के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।सिलघट में नया धान खरीदी केंद्र खुलने से कुरूद क्षेत्र के किसानों को धान बिक्री के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलने की संभावना है।

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