ग्राम जीजामगांव में... 80 साल पुरानी श्री राम-कृष्णलीला की परंपरा जारी

Pradeep Ganjeer
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छत्तीसगढ़ कौशल न्युज

बिरेझर:-  ग्राम जीजामगांव में लगभग 80 वर्षों से चली आ रही रामलीला और कृष्णलीला मंचन की परंपरा के तहत आज 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव के दौरान रावण वध किया जाएगा। इसके पहले 16 से 19 अक्टूबर तक चार दिवसीय रामलीला-कृष्णलीला का मंचन किया गया। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।


               लीला मंडली के संचालक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक संतराम साहू ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों के साथ सत्य, धर्म और सदाचार का संदेश दिया जाता है। गांव के कलाकार नौ वर्ष की उम्र से ही इस परंपरा से जुड़कर विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते आ रहे हैं। रामलीला और कृष्णलीला के मंचन में श्रीराम, रावण, श्रीकृष्ण, कंस, अभिमन्यु और दुर्योधन सहित अनेक पात्रों का जीवंत चित्रण किया जाता है।उन्होंने बताया कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करता है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाने में दिवंगत कलाकारों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।


         आयोजन में पंचराम ध्रुव, फिरता राम, गिरवर लाल, खिलमन, खिलेश, प्रदीप, रमेश, रोमन, साहिल, योगेश, मोनेश, राहुल और कमल सहित अन्य कलाकार सहयोग कर रहे हैं। आज दशहरा उत्सव के दौरान होने वाले रावण वध को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है। इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।

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