छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
रायपुर:- प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बहुत जल्द सातवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता दिया जाएगा। आगामी बजट में इसकी घोषणा हेतु तैयारी शुरू हो गई है। ज्ञात हो कि प्रदेश के कर्मचारियों को अभी छठवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता दिया जा रहा है। प्रदेश के 4 लाख 8 हजार कर्मचारी पिछले कई वर्षों से सातवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता भुगतान की मांग कर रहे है। HRA और DA की मांग पर पिछले वर्ष बहुत बड़ा आंदोलन हुआ था। इस वर्ष चुनावी वर्ष है और राज्य सरकार कर्मचारियों को निराश नहीं करेगी। मिली जानकारी के अनुसार सातवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा की गणना की मांग इस बजट में पूरा हो जाएगा।
शहरों में 18 व गांव में 09 फ़ीसदी एचआरए - सातवें वेतनमान के रूल्स के मुताबिक गृहभाड़ा का भुगतान शहरों हेतु 18 फ़ीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों हेतु 09 फ़ीसदी निर्धारित है। यह नियम 01 जनवरी 2016 से लागू भी है , लेकिन राज्य के कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है। राज्य के कर्मचारियों को फिलहाल छठवे वेतनमान पर 07 फ़ीसदी गृहभाड़ा भत्ता दिया जा रहा है। राज्य सरकार कर्मचारियों को चुनावी वर्ष में सौगात देते हुए आगामी बजट में सातवें वेतनमान के आधार गृहभाड़ा भत्ता देने की तैयारी में है।
प्रदेश के 4 लाख 8 हजार सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को लाभ - राज्य सरकार द्वारा सातवें वेतनमान के आधार पर गृहभाड़ा भत्ता देने का ऐलान करते ही प्रदेश के लगभग 4 लाख 8 हजार कर्मचारी - अधिकारी को इसका लाभ होगा। मिली जानकारी प्रदेश के अलग - अलग विभागों में फिलहाल 4 लाख 8 हजार कर्मचारी अधिकारी कार्यरत है। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों व केंद्रीय कर्मचारियों को 18 फ़ीसदी के दर से गृहभाड़ा भत्ता का भुगतान किया जा रहा है। यदि किसी कर्मचारी का 50 हजार मूलवेतन है तो उन्हें 10 फ़ीसदी के हिसाब से 5 हजार एचआरए मिलेगा वहीँ 18 फ़ीसदी पर 50 हजार मूलवेतन पाने वाले कर्मचारियों को 9 हजार एचआरए प्राप्त होगा।
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