छत्तीसगढ़ कौशल न्युज आरंग:- छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के संवाहक "लोक कला मंच दूज के चंदा पं.क्र.10390" का भव्य पुनर्गठन समारोह रविवा...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
आरंग:- छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के संवाहक "लोक कला मंच दूज के चंदा पं.क्र.10390" का भव्य पुनर्गठन समारोह रविवार को श्री खोमन लाल साहू के बैहार स्थित निवास में संपन्न हुआ। दोपहर 2 बजे प्रारंभ हुए इस विशेष आयोजन में मंच के वरिष्ठ व उदीयमान कलाकारों की उपस्थिति रही, जहां संस्था के स्वरूप, संरचना एवं भावी दिशा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव भजन और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति से हुई, जिसने माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। मंच के दिग्गज कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से लोक विधाओं की महत्ता को पुनः रेखांकित किया।
गौरतलब है कि यह संस्था 3 फरवरी 1997 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर स्थापित हुई थी और तब से लेकर आज तक यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा – पंथी, राउत नाचा, कर्मा, पंडवानी, सुवा, सैला, गेंडी, ककसर, छेरछेरा – को जीवंत रखने में अहम भूमिका निभा रही है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्षा (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) श्रीमती मोना सेन भी इस संस्था की सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं।
कार्यक्रम में संस्था के संचालक जोगेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा – "लोक कला मंच कलाकारों को न केवल मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पारंपरिक कलाओं में प्रशिक्षित कर उनकी प्रतिभा को नई ऊँचाइयाँ देने का काम करता है।"
पुनर्गठित टीम में जिम्मेदारियाँ इस प्रकार रहीं:-
मुख्य गायक: श्याम लाल साहू, डॉ. दाऊ लाल साहू
गायिका: जया देवांगन, झरना साहू
संगीत संयोजन: खोमन लाल साहू
बांसुरी व मार्गदर्शक: आचार्य गजेंद्र तिवारी
सलाहकार: नारद लाल साहू (पूर्व जनपद सदस्य)
तबला: याददास मानिकपुर
नाल/ढोलक: रामबिशाल पैकरा
घुंघरू: भागीरथी साहू
ऑक्टोपैड: शीतल यादव
भावपक्ष संचालन: पुरुषोत्तम यादव एवं दल
कार्यक्रम रूपरेखा: डॉ. हेमंत साहू
ध्वनि सहयोग: माही टेंट हाउस एवं साउंड सर्विस, बैहार
कार्यक्रम की गरिमा और लोक भावनाओं से ओत-प्रोत इस आयोजन ने न केवल पुनर्गठन को सार्थक किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी लोक कला की समृद्ध विरासत को भी नई ऊर्जा प्रदान की।


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