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मंडई और फ्री बोर्ड का बहाना, परखंदा हाई स्कूल में समय से पहले लटका "ताला

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  धमतरी:- जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत परखंदा स्कूल में स्कूल समय से पूर्व छुट्टी किए जाने का मामला सामने आया है, जिस...



छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

धमतरी:- जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत परखंदा स्कूल में स्कूल समय से पूर्व छुट्टी किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परखंदा स्कूल के प्राचार्य रविन्द्र कुमार साहू ने बताया कि हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल को मिलाकर कुल 201 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि स्टाफ की संख्या 17 है। 

        इसी बीच उल्लेखनीय है कि जिले के कलेक्टर द्वारा जिले की शिक्षण गुणवत्ता में सुधार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए तथा अनावश्यक रूप से किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाए। इसके बावजूद परखंदा स्कूल में लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दोपहर करीब 2:49 बजे ही छुट्टी दे दी गई, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, जो कलेक्टर के निर्देशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।

      इस संबंध में पूछे जाने पर प्राचार्य रविन्द्र कुमार साहू ने अलग-अलग कारण बताए। पहला कारण यह बताया गया कि एक दिन पहले मंडई (उत्सव) होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम थी, इसलिए छुट्टी कर दी गई। वहीं दूसरा कारण उन्होंने यह बताया कि 10वीं एवं 12वीं की फ्री बोर्ड परीक्षा होने वाली है, जिससे छात्र घर पर तैयारी कर सकें। इसके अतिरिक्त परीक्षा को देखते हुए कुर्सी-टेबल व्यवस्थित करने की बात भी कही गई। 

         हालांकि फ्री बोर्ड परीक्षाओं का समय सुबह 11बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित बताया गया है। ऐसे में स्कूल समय से पहले बंद करना कई सवालों को जन्म देता है। प्राचार्य ने यह भी दावा किया कि अच्छे परीक्षा परिणाम को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) द्वारा स्कूल पर भरोसा जताया गया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या नियमित स्कूल समय का पालन किए बिना और समय से पहले छुट्टी देकर बेहतर परीक्षा परिणाम संभव हैं? परखंदा स्कूल का बोर्ड परीक्षा परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि समय से पहले स्कूल बंद करने का फैसला वास्तव में छात्रों के हित में था या नहीं।

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