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5साल से भुगतान नहीं, किसान परेशान: कावेरी सीड्स कंपनी पर धोखाधड़ी और गबन के आरोप

  छत्तीसगढ़ कौशल न्युज  धमतरी:- कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड सिकंदराबाद (तेलंगाना) पर किसानों एवं मजदूरों की करोड़ों रुपये की बकाया राशि नहीं ...

 

छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

धमतरी:- कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड सिकंदराबाद (तेलंगाना) पर किसानों एवं मजदूरों की करोड़ों रुपये की बकाया राशि नहीं देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस संबंध में धमतरी, बालोद और कोंडागांव जिले से जुड़े मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक को विस्तृत शिकायत आवेदन सौंपा गया है। शिकायतकर्ता ने कंपनी के अधिकारियों सहित कुछ स्थानीय व्यक्तियों पर किसानों और मजदूरों के भुगतान में गड़बड़ी, धोखाधड़ी तथा रकम गबन करने का आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत आवेदन के अनुसार ग्राम मडाईभाठा निवासी आवेदक कल्याण ट्रेडर्स नामक फर्म के माध्यम से किसानों से धान बीज उत्पादन का कार्य करवाता था। फर्म का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक टिकरापारा शाखा धमतरी में संचालित बताया गया है। आवेदन में कहा गया है कि किसानों द्वारा उत्पादित धान बीज को ट्रकों के माध्यम से कावेरी सीड्स कंपनी के प्लांट तक भेजा गया था। यह पूरा कार्य कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की देखरेख में किया गया।

      आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के दौरान किसानों से बड़ी मात्रा में धान बीज लिया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 18 लाख रुपये बताई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी द्वारा किसानों एवं मजदूरों के भुगतान के लिए करीब 2 करोड़ 12 लाख रुपये की राशि फर्म के खाते में जमा की गई, लेकिन लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि अब तक बकाया है। शिकायत में कहा गया है कि बीते पांच वर्षों से भुगतान नहीं होने के कारण बकाया राशि पर ब्याज भी बढ़ता गया और वर्तमान में ब्याज सहित कुल देनदारी लगभग 2 करोड़ 31 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

            शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि किसानों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बाद वर्ष 2021 में कुछ किसानों को राशि का भुगतान किया गया था। आवेदन में कहा गया है कि इस दौरान कथित रूप से मनीष कुमार साहू और हरिकृष्ण गंजीर के बयान भी लिए गए थे, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि धमतरी जिले के 43 किसानों की राशि उनके खातों में आई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी के अधिकारियों के कहने पर किसानों के भुगतान के नाम पर लाखों रुपये अलग-अलग खातों में डाले गए, लेकिन पूरी राशि किसानों तक नहीं पहुंचाई गई।आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मनीष कुमार साहू ने करीब 26 लाख रुपये तथा हरिकृष्ण गंजीर ने लगभग 35 लाख रुपये अपने खातों में रख लिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त राशि कंपनी द्वारा किसानों के भुगतान के लिए भेजी गई थी, लेकिन उसे जानबूझकर संबंधित लोगों तक नहीं पहुंचाया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि किसानों और मजदूरों ने मेहनत कर धान बीज तैयार किया था और कंपनी पर भरोसा करते हुए उत्पादन भेजा गया, लेकिन आज तक पूरा भुगतान नहीं मिलने से किसान आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।

          शिकायतकर्ता ने आवेदन में बताया कि किसान और मजदूर लगातार उनसे संपर्क कर बकाया राशि की मांग कर रहे हैं, जिससे वे स्वयं भी मानसिक तनाव में हैं। आवेदन में कहा गया है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर भी कई किसानों को भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन पूरी राशि नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो गई है।

             आवेदन में कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड सिकंदराबाद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कंपनी के प्रबंधन स्तर पर लापरवाही और भुगतान में अनियमितता के कारण किसानों को वर्षों से अपनी मेहनत की राशि नहीं मिल पाई है।शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं गबन की धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही किसानों एवं मजदूरों की बकाया राशि जल्द दिलाने की भी अपील की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद संबंधित क्षेत्रों के किसानों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

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