छत्तीसगढ़ कौशल न्युज धमतरी:- बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के चलते धमतरी जिले में बीते तीन दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। उड़ीसा...
छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के चलते धमतरी जिले में बीते तीन दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। उड़ीसा सीमा से सटे होने के कारण जिले में हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं; नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हैं और आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है। स्कूलों मे पानी भर गया है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को तत्काल स्कूलों मे पूर्ण अवकाश की मांग 'छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ' ने मांग किया है।जिला संरक्षक राजेंद्र चंद्राकर,तहसील अध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय महिला अध्यक्ष वर्षा अग्रवाल,ने प्रशासन से शनिवार को जिले के सभी विद्यालयों में पूर्ण अवकाश घोषित करने की पुरजोर मांग की है।पूर्व मे शुक्रवार को जारी आदेश में 45 मिनट की देरी और इम्तिहान का खौफ: भीगते हुए परीक्षा कक्ष तक पहुंचे बच्चे
जिले में बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए पड़ोसी बस्तर संभाग में एक दिन पहले ही अवकाश घोषित कर दिया गया था, किंतु धमतरी प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। सुबह 7 बजे उच्च स्तर पर चर्चा के बावजूद अवकाश का आधिकारिक आदेश 7:45 बजे जारी किया गया।वर्तमान में त्रैमासिक परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। परीक्षा छूटने के डर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं और शिक्षक उफनते नालों व भारी बारिश के बीच जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचे। विडंबना यह रही कि कई स्कूलों में बच्चे भीगते हुए परीक्षा कक्ष में अपनी सीटों पर बैठ चुके थे, तब जाकर उन्हें अवकाश की सूचना मिली। प्रशासनिक देरी का यह खामियाजा छोटे-छोटे मासूमों और पालको को भुगतना पड़ा।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की दो टूक: आपदा में समय पर हो फैसला, बने ठोस प्रोटोकॉलकर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के समय निर्णय लेने में शिथिलता सीधे तौर पर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है। संघ ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं:शनिवार को पूर्ण अवकाश: लगातार जारी बारिश और जलभराव को देखते हुए शनिवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में तत्काल अवकाश घोषित किया जाए।समयबद्ध निर्णय प्रणाली: भविष्य में अतिवृष्टि या किसी भी आपात स्थिति में देर से नहीं, बल्कि समय रहते स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं ताकि कोई भी शिक्षक या छात्र अनावश्यक जोखिम न उठाए।मांग करने वालों मे वर्षा अग्रवाल, मकसूदन पटेल, भावेश चन्द्रवंशी, सुमन शर्मा, साधना पाण्डेय, मनीष सिन्हा, अविनाश साहू, सी पी पटेल, फनेन्द्र ध्रुव, टी एस साहू, धनंजय ठाकुर, एस के निषाद, आदि शामिल है।


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