छत्तीसगढ़ कौशल न्युज
धमतरी:- महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं शरद पूर्णिमा के अवसर पर 25 अक्टूबर को स्थानीय गोंडवाना भवन में भारतीय दलित साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से पहुंचे साहित्यकारों, कलाकारों और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।समारोह का शुभारंभ महर्षि वाल्मीकि के छायाचित्र पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। अकादमी की महासंरक्षक श्रीमती सुशीला देवी वाल्मीकि मुख्य अतिथि थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भिलाई के रंगकर्मी प्रमोद कुमार ताम्रकार ने की। विशेष अतिथि के रूप में बालोद के लोक कलाकार विष्णु राम कोठारी और अर्जुंदा की व्याख्याकार सुरुचि साहू उपस्थित रहीं। संचालन प्रो. जी.आर. बंजारे ‘ज्वाला’ ने किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में बोड़ेना की नव ज्योति महिला मानस मंडली ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर संगीतमय व्याख्यान प्रस्तुत किया। ताराशिव, बलौदाबाजार की लोक कला संस्था ‘मोर गंवई गंगा धरती के फूल लोक कला जागृति’ की पंडवानी गायिका मिथलेश देवी ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बालोद जिले के लोक कलाकार द्वारिका प्रसाद कश्यप, पुरनलाल महादेवा और संतराम आसनिक ने राजगीत प्रस्तुत किया। वहीं, पाटन के व्याख्याकार हेमलाल साहू ने भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर किया।
विभिन्न जिलों की प्रतिभाएं सम्मानित
समारोह में शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए विभिन्न जिलों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें दिलीप दुर्गम (दंतेवाड़ा), डॉ. ओमेश्वरी देवांगन (बीजापुर), सरस्वती राघव (रायपुर), अनामिका ठाकुर (राजनांदगांव), परदेशी रात्रे (रायगढ़), मनीषा कन्नौजे (खैरागढ़), बिन्द्रम बिन्दु जायसी (बिलासपुर), प्रदीप चटर्जी (भिलाई), गोपाल कुर्रे (सक्ती), ऋचा मारकंडे (महासमुंद), सौम्या पांडे (जगदलपुर), कृतराम यादव (बलौदाबाजार), रेवतलाल ढीढ़ी (दुर्ग) और गीतांजली साहू (धमतरी) सहित अन्य प्रतिभाएं शामिल रहीं।
प्रबुद्धजनों की रही सहभागिता
आयोजन में प्रेम सायमन, डॉ. रोहनलाल भारद्वाज, मदन लहरे, डॉ. भरतदास मानिकपुरी, सुनील बंजारे, रानी टंडन, कल्याण साहू, अश्वनी कश्यप, कृष्णा मिरी, डॉ. टेकराम साहू, इंद्र कुमार साहू, दर्शन मिरी, डॉ. दासरथी जांगड़े, ज्ञानवती मैत्रेय, रोशनी निर्वाण, आंचल मेश्राम और मनोज भारती सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। समापन अवसर पर नेशनल फेलोशिप अवार्ड प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं देकर विदाई दी गई।


