चार मांगों पर अड़े पटवारी... अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व कार्य प्रभावित; किसान और आम नागरिक परेशान

Pradeep Ganjeer
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छत्तीसगढ़ कौशल न्युज 

कुरूद:- छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ की तहसील शाखा कुरूद के बैनर तले पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। 13 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए आंदोलन के तहत पटवारी अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने से किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व पटवारी संघ ने अपनी मांगों और विभागीय समस्याओं को लेकर पूर्व में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। संघ का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के निराकरण की मांग किए जाने के बावजूद ठोस एवं व्यावहारिक समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।


चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन


पटवारी संघ के आंदोलन संबंधी बैनर में चार प्रमुख मांगें उल्लेखित हैं। इनमें पीवी (PV) ऐप के कार्य का बहिष्कार, दंडात्मक निलंबन एवं स्थानांतरण की कार्रवाई निरस्त कर वापस लेने, वेतन विसंगति दूर करने तथा राजस्व निरीक्षक पद पर विभागीय पदोन्नति शीघ्र करने की मांग शामिल है।


संघ की पहली मांग PV ऐप के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों का बहिष्कार है। पटवारियों का कहना है कि फसल के भौतिक सत्यापन सहित ऐप आधारित कार्यों में व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं से शासन और विभाग को अवगत कराने के बावजूद ठोस समाधान नहीं होने का आरोप संघ ने लगाया है।


दूसरी मांग के तहत संघ ने दंडात्मक कार्रवाई के रूप में किए गए निलंबन एवं स्थानांतरण के आदेशों को निरस्त कर वापस लेने की मांग की है। पटवारियों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई के मामलों में उनकी समस्याओं और परिस्थितियों पर भी विचार किया जाना चाहिए।


तीसरी मांग वेतन विसंगति दूर करने से संबंधित है। संघ का कहना है कि वेतन संबंधी विसंगतियों का निराकरण कर कर्मचारियों को राहत दी जाए। 


वहीं चौथी मांग राजस्व निरीक्षक पद पर विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की है, ताकि पात्र पटवारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सके।


मांगों पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात


राजस्व पटवारी संघ के प्रांतीय प्रवक्ता बीरेंद्र बैस ने कहा कि प्रदेशभर के पटवारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। संघ ने शासन-प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए लंबित समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।इधर, हड़ताल के चलते राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने से किसानों और आम नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है। जमीन संबंधी प्रकरणों, राजस्व अभिलेखों और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में पटवारियों की मांगों और आम जनता की समस्याओं के बीच अब शासन के रुख पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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